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राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए गुर्जर आरक्षण को रद्द कर दिया हैं. साथ ही विशेष पिछड़ा वर्ग में से अन्य चार जातियों को दिया गया भी आरक्षण रद्द कर दिया हैं.

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 50 फीसदी से अधिक आरक्षण राज्य में नहीं दिया जा सकता है. हाईकोर्ट के फैस्ला आने के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने राज्य और केंद्र सरकार पर ठीक पैरवी नहीं करने का आरोप लगाते हुए आरक्षण के मसले पर सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने की घोषणा की हैं.

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गुर्जरों की इस धमकी के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शनिवार सुबह आपात बैठक बुलाई है. बैठक में सभी मंत्रियों को मौजूद रहने की सख्त हिदायत दी गई है. बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा होनी हैं.

गौरतलब रहें कि फिलहाल राज्य में 49 फीसदी आरक्षण लागू है. राजस्थान सरकार ने 2015 में गुर्जरों समेत पांच जातियों को आरक्षण के लिए विधानसभा में विधेयक पारित कराया था.

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