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जयपुर: जेडीए की नींदड़ आवासीय योजना के विरोध में वसुंधरा सरकार के खिलाफ किसानों का जमीन सत्याग्रह दिवाली पर भी जारी रहा. पिछले 20 दिनों से लगातार जमीन में धड तक धंसे हुए 1350 किसानो ने धरनास्थल पर ही दिवाली मनाई. जिनमे 800 महिलाएं भी शामिल है.

नींदड़ बचाओ युवा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में ये आंदोलन चल रहा है. दरअसल, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) सीकर रोड स्थित नींदड़ गांव में 1350 बीघा जमीन पर आवासीय कॉलोनी ला रहा है. इसके लिए जेडीए ने 16 सितंबर को कॉलोनी का एंट्री गेट निकालने के लिए सीकर रोड की तरफ 15 जमीन का कब्जा लेते हुए सड़क बना दी.

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लेकिन दो दिन बाद अवाप्ति से प्रभावित लोग एकजुट होकर आंदोलन शुरू कर दिया और नई सड़क को ही खोद दिया. इसके बाद लगातार धरना- प्रदर्शन चल रहा है. जेडीए ने सड़क खोदने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है, लेकिन लोगों के आक्रोश के कारण अभी तक मौके पर नहीं गए है.

हालांकि अब तक करीब 500 बीघा जमीन पर जेडीए का मालिकाना हक हो गया है. वहीं 700 बीघा जमीन किसानों के पास ही है तथा लोगों ने मुआवजा भी नहीं लिया है.

किसानों का कहना है कि जेडीए 2010 की डीएलसी रेट दे रहा है. वहीं जिन लोगों को 25 फीसदी जमीन दे रहा है, उसका भी मनमाने तरीके से लाखों रुपए लीज मनी के ले रहा है. यह किसानों के सैकड़ों परिवारों के साथ अन्याय है.

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