देश में भर में किसानों के हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं. उनकी फसलें पहले ही बर्बाद हो चुकी हैं. घरों में खाने तक को दानें नहीं हैं. उनके घर में न बीज है और न खाद को पैसा. ऊपर से खेती के लिए खाद, बीज सहित अन्य कृषि उपकरण के लिए बैंक से लिया गया कर्जा ऐसे में किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं.

नेशनल सैम्पल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 100 में से 62 किसान कर्जदार हैं. वहीं देश के कर्जदार किसानों में राज्य का छठा नंबर है. सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में 61.8′ किसान किसी न किसी के कर्जदार हैं। एक किसान पर औसत कर्ज 40055 रु. है.

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रिपोर्ट के अनुसार देश में करीब 52 प्रतिशत किसान कर्जदार है, जबकि 2003 में सिर्फ 48.6 प्रतिशत किसान थे। किसान परिवारों की औसत मासिक आय 6426 रु. और व्यय 6223 रु. है। करीब 203 रु. की बचत में कैसे किसान अपने सपने पूरे करे.

एनएसएसओ ने जनवरी 2013 से दिसम्बर 2013 में देशभर के किसानों की आय, व्यय, उत्पादन, परसम्पतियों और ऋण को लेकर सर्वे किया था। इसमें राजस्थान के 214 गांव और 3309 कृषक परिवार को शामिल किया.

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