हरियाणा के जाट आंदोलन के दौरान हजारों करोड़ की संपति को स्वाह करने और बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वाले दंगाइयों से राज्य की खट्टर सरकार केस वापस लेने जा रही है.

दरअसल अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की और से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली को रोकने की धमकी देने के बाद दबाव में आई खट्टर सरकार ने 822 लोगों पर दर्ज 70 मुकदमों को वापस लेने की तैयारी कर ली है.

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इस फैसले के विरोध में अब पार्टी के सांसद ही आ गए है. बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी का कहना है कि यह बेहद संवेदनशील मामला है. सरकार को दबाव में आकर जाटों के ऊपर दर्ज केस वापस नहीं लेने चाहिए. उन्‍होंने कहा कि इससे प्रदेश की अन्य 35 बिरादरी के लोगों के समक्ष सरकार के प्रति गलत संदेश जा रहा है.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ये फैसला कुछ दिन पहले जाट नेताओं के साथ बैठक के बाद लिया है. हालंकि इससे पहले भी करीब 200 मुकदमे वापस लिए जा चुका है.

ऐसे में स्पष्ट है कि राज्य सरकार अपनी राजनीति चमकाने के लिए ने केवल दंगाइयो को बचा रही है बल्कि उन्हें सरेआम बढ़ावा भी दे रही है.