अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फ़ैसले के बाद कश्मीरी छात्र घाटी में अपने घर ईद मनाने नहीं पहुंच सके। ऐसे में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में पढ़ने के लिए आए कश्मीरी छात्रों के साथ ईद मनाई।

ईद के मौके पर उन्होने 125 कश्मीरी छात्रों के लिए दोपहर के भोज (लंच) का आयोजन किया। अमरिंदर सिंह ने युवाओं को त्योहार की बधाई दी। उन्होंने पंजाब में छात्रों की सुरक्षा का भरोसा देते हुए कहा, “हम आपके परिवार की जगह नहीं ले सकते, लेकिन हम उम्मीद करते है कि आप हमें अपने परिवार की तरह समझेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनकी हार्दिक इच्छा थी कि ईद का त्योहार वह उनके साथ मनाएं। सिंह ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनके परिवार सुरक्षित होंगे और वे जल्द उनसे मिलने में सक्षम होंगे। सिंह ने कहा कि वह कुछ समय से व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रम की वजह से कश्मीर नहीं गए हैं, लेकिन वह खूबसूरत घाटी को अपना दूसरा घर मानते हैं।

मुख्यमंत्री की संवेदनाओं के जवाब में छात्रों ने कहा कि वे भी पंजाब को अपना दूसरा घर मानते हैं और हमेशा सुरक्षित महसूस करते हैं, यहां तक कि पुलवामा हमले के बाद भी उन्होंने ऐसा महसूस किया। फाइक सलेम ने कहा, “हमने पंजाबियों का बड़ा दिल देखा है।” एक छात्रा फरजाना हफीज ने कहा, “आज यहां आना हमें अपने परिवार की याद दिला गया।” उन्होंने कहा कि ईद के मौके पर घर नहीं होने की बात सोचकर, आमंत्रण नहीं मिलने तक उन्हें अकेलापन महसूस हो रहा था।

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