डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्यों ने रविवार सुबह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के बाद चेन्नई के विभिन्न हिस्सों में गिरफ्तारी दी।

वहीं दूसरी और NEET के लिए पंजीकृत 1.17 लाख से अधिक अभ्यर्थी तमिलनाडु के विभिन्न केंद्रों में परीक्षा दे रहे हैं।हालांकि परीक्षा से पहले पांच छात्रों ने खुदखुशी कर अपनी जीवनलीला ही समाप्त कर ली। इन मौतों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार की निंदा की।

रविवार की सुबह, डीवाईएफआई और एसएफआई के सदस्यों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया, जिनमें अयनवारम, वीपीरी, आर.के. नगर और अमिनजिकराई शामिल है। कुछ स्थानों पर पुलिस ने छात्रों को रोकने का भी प्रयास किया।

सेंट्रल चेन्नई, एसएफआई के जिला सचिव एल विग्नेश ने कहा, “हम लंबे समय से NEET को टालने के लिए सरकार से मांग कर रहे हैं। विशेष रूप से COVID1-19 के दौरान, जब छात्र अपनी नियमित कक्षाओं के साथ संघर्ष कर रहे होते हैं, तो उन्हें इस तरह की कठिन प्रवेश परीक्षा की तैयारी करना मुश्किल होता है।”

डीवाईएफआई के जिला अध्यक्ष के मणिकंदन ने कहा कि राज्य सरकार को NEET पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।“ मुख्यमंत्री पलानीस्वामी को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्हे  मांग करनी चाहिए कि केंद्र परीक्षा रद्द कर दे।”

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