विवादित संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार को असम में एक बार फिर से बड़ा विरोध-प्रदर्शन हुआ। इस दौरान अखिल गोगोई को रिहा करने की भी मांग की गई। ये प्रदर्शन कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) ने किया। जिसमे बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

केएमएसएस अध्यक्ष राजू बोरा ने कहा कि समूह ने मंगलवार को सीएए के खिलाफ आंदोलन फिर से शुरू कर दिया है और कानून के वापस लिए जाने तक यह जारी रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इस बार विरोध अधिक एकजुट और शक्तिशाली होगा। भाजपा सरकार अखिल गोगोई से डरती है इसलिए उन्हें जेल में रखा है। वह गोगोई को जेल में रखकर लोगों की आवाज दबाना चाहती है।”

बता दें कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद गोगोई का गुवाहाटी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में इलाज चल रहा है। वह गुवाहाटी जेल में कैद रहने के दौरान संक्रमित हो गए। गोगोई असम के जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रहे अखिल गोगोई को बीते साल 12 दिसंबर को जोरहाट से गिरफ्तार किया गया था।

अखिल गोगोई पर दर्ज इन मामलों की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील शांतनु बोरठाकुर के अनुसार, सीएए के विरोध के बाद अखिल गोगोई पर कुल 12 मामले दर्ज हुए है। इनमें 10 मामले असम पुलिस के है और दो मामले एनआईए ने दर्ज किए है। अखिल शुरू से असम में नदी बांध से लेकर किसानों के ज़मीन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाते आ रहे है।

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