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उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ में हैवानियत की सारी हदे पार करते हुए निर्भयाकांड की तर्ज पर दुष्कर्म का विरोध करने पर एक महिला टीचर के साथ बेदर्दी से मारपीट कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था. ये महिला टीचर मौत के बाद अब भी न्याय के लिए तरस रही है.

कोतवाली के टेऊगा गांव की राबिया को इंसाफ दिलाने के लिए आज देश की राजधानी में ‘जस्टिस फ़ॉर राबिया और जस्टिस फ़ॉर सरोज’ के नारों के साथ उत्तरप्रदेश भवन के सामने प्रदर्शन किया गया. इस दौरान योगी मुर्दाबाद की तख्तियों के साथ प्रदर्शनकारी राबिया के इंसाफ के लिए आवाज बुलंद करते हुए नजर आए.

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धयान रहे महिला राबिया किराए के मकान में रहती थी. मृतका राबिया के पति उसको कई साल पहले तलाक दे चुका है. राबिया का सिर्फ एक बेटा है, जिसका नाम आरमान है. वह बाहर बस पर परिचालक का काम करता है. जबकि मृतक महिला राबिया एक निजी इंटर कॉलेज में दाई का काम किया करती थी.

महिला तीन फरवरी की शाम को मकान में अकेली थी. इसी का फायदा उठा कर दबंग उसके घर पहुंचे और जोर-जबरदस्ती करने लगे. महिला ने विरोध किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई की. जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गई. घायल अवस्था में राबिया को इलाहबाद इलाज के लिए भर्ती कराया. जहां उसकी मौत हो गई.

पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने गांव के दबंग गुड्डू पासी व मदन पासी को इसका जिम्मेदार ठहराया है, जिन्होंने अपने 4 साथियों के साथ सबीना को अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा और नाकाम होने पर उसे मौत के घाट उतार दिया. ग्रामीणों के अनुसार, राबिया का शरीर पूरी तरह से खून से लथपथ था. हाथ पैर-टूट कर कई जगह से झूल चुके थे. उसके  शरीर पर जगह जगह मांस फट गया था पैर कई जगह से टूट कर झूल चुका था. हर तरफ से खून का स्राव हो रहा था.

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