कथित गौमांस को लेकर चर्चा में रहा यूपी का बिसाहड़ा गांव (Bisahda Village) में बीजेपी नेताओं का जमकर विरोध हो रहा। क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल का जनपद के बिसाहड़ा गांव में कार्यक्रम प्रस्तावित था। लेकिन मोहित बेनीवाल जब गांव पहुंचे तो लोगों ने उनका जमकर विरोध किया।

जानकारी के अनुसार, बीजेपी सरकार के 4 साल पूरे होने पर मोहित बेनीवाल को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर में 3 जन सभाएं करनी थी। लेकिन मंच पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। इतना ही नहीं बीजेपी नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

गांव के लोग यूपी पंचायत चुनाव को लेकर किए गए परिसीमन और नए आरक्षण के तहत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए जाने को लेकर नाराज हैं। करीब 3 महीने पहले गौतम बुद्ध नगर में दनकौर ब्लॉक को खत्म कर दिया गया है।

अब यहां सिर्फ तीन पंचायत क्षेत्र यानी दादरी बिसरख और जेवर हैं। इनका परिसीमन करते वक्त दादरी ब्लॉक के गांव को निकालकर बिसरख ब्लॉक में शामिल कर दिया गया है। यह गांव ठाकुर बहुल है। इस गांव के लोगों का आरोप है कि साजिश के तहत ठाकुरों की राजनीतिक ताकत को कम करने के लिए ऐसा किया गया है।

दादरी क्षेत्र का बिसाहड़ा गांव  2015 में मोहम्मद अखलाक नाम के व्यक्ति की हत्या के मामले में सुर्खियों में आया था. 28 सितंबर 2015 को भीड़ ने हमला कर 52 वर्षीय मोहम्मद अखलाक की हत्या कर दी थी।