Tuesday, May 17, 2022

पटना: 90 साल बाद 2500 करोड़ की संपत्ति हुई वक्फ बोर्ड के नाम, हो रहा था अवैध कब्जा

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पटना. 90 साल बाद झारखंड के हजारीबाग सिविल कोर्ट ने पटना के डाकबंगला चौराहा से फ्रेजर रोड तक स्थित हसन इमाम वक्फ स्टेट की जमीन पर बनी इमारतों का फैसला शिया वक्फ बोर्ड के पक्ष में दिया है।

टाइटल सूट के इस फैसले के बाद वक्फ स्टेट की जमीन पर बने सेंट्रल मॉल, विशाल मेगा मार्ट, कौशल्या एस्टेट, वन मॉल, एक अंग्रेजी अखबार की बिल्डिंग, फजल इमाम कॉम्प्लेक्स, एसपी वर्मा रोड पर बने साकेत टावर के अलावा बंदर बगीचा में 5 बीघा जमीन का मालिकाना हक शिया वक्फ बोर्ड का हो गया।

बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आजाद ने बताया कि हसन इमाम की भूमि  पर इन दिनों साकेत टावर, सेंट्रल मॉल, कौशल्या स्टेट, विशाल मेगामार्ट और टाइम्स ऑफ इंडिया भवन बना है। वक्फ की संपत्ति न बेची और न खरीदी जा सकती है। टाइटल सूट के कारण बोर्ड कदम नहीं उठा पा रहा था, लेकिन टाइटल सूट जीतने के बाद अब हसन इमाम की संपत्ति का मालिक वक्फ है। अत: वक्फ की जमीन का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो किराये पर लें या लीज पर ले लें। साकेत टावर में रहनेवालों को अगले सप्ताह वक्फ बोर्ड नोटिस देगा। अन्य भवनों में स्थित  दुकानदारों की भी लिस्ट शिया वक्फ बोर्ड जुटा रहा है।

सूची मिलते ही उनको नोटिस भेजी जायेगी और जो वक्फ के पास आकर उसके द्वारा तय प्रक्रिया के अंतर्गत लीज नहीं लेंगे, उन पर कार्रवाई की जायेगी। वक्फ के नियमों के अनुसार 3 से 30 वर्षों तक लीज प्राप्त किया जा सकता है। वन मॉल वक्फ बोर्ड के इजाजत से बना है, लेकिन वहां के दुकानदारों ने भी बोर्ड को किराया नहीं दिया है। इसलिए उनपर भी 35 लाख की मांग वाला केस दर्ज किया गया है।

बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि हसन इमाम पटना के चर्चित बैरिस्टर थे। उन्होंने इन संपत्तियों को 1929 में वक्फ कर दिया था। बैरिस्टर हसन इमाम की संपत्ति पटना, हजारीबाग, गढ़वा, पलामू, भोजपुर, गुवाहाटी व देहरादून समेत देश के कई शहरों में थी। हसन इमाम ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी को संपत्ति के दस आना का मुतावल्ली बनाया, जबकि छह आना का मुतावल्ली दूसरी पत्नी को बनाया। उनकी दूसरी पत्नी अंग्रेज थीं।

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