वहाबी स्कॉलर जाकिर नाईक के स्कूलों को केरल सरकार ने बंद करने का आदेश जारी किया है. केरल सरकार ने कोच्चि स्थित पीस इंटरनेशनल स्कूल को बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है.

इस मामले में स्कूल के एमडी एम.एम. अकबर ने कहा, सीपीएम की अगुवाई वाली सरकार अल्पसंख्यक संस्थान को  निशाना बना रही है. ये स्कूल उस वक्त सुर्ख़ियों में आया था जब अफगानिस्तान और सीरिया में आईएसआईएस में शामिल होने के लिए केरल से 21 लोग लापता हो गए थे.

लापता लोगों में अब्दुल रशीद शामिल था. रशीद पीस स्कूल में कार्यरत था. उनकी पत्नी यास्मीन अहमद भी लापता हैं, जिन्होंने पहले स्कूल में पढ़ाया था. अकबर को उनके ज्वलंत भाषणों के लिए केरल के जाकिर नाइक के रूप में जाना जाता है, जो सोशल मीडिया में काफी एक्टिव रहते है.

अकबर ने कतर से न्यूज 18 को बताया कि स्कूल को बंद करने के लिए अभी तक उनका कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला है. लेकिन अगर वास्तव में ऐसा हुआ है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा, इस कदम का उद्देश्य एक संस्थान को बंद करना है जो पूरी तरह से वैध है और छात्रों को राष्ट्रीय एकीकरण और सामाजिक समावेश के प्रति प्रेरणा दे रहे हैं.

अकबर ने यह दुख की बात है कि सरकार ऐसी एक संस्था को लक्षित कर रही है. हां, वहां धार्मिक शिक्षाएं दी जाती हैं जो स्कूलों में होती हैं. वह सीबीएसई का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने पूरे विवाद के लिए  बरुज रिएलिजेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक का एक अध्याय को बताया.

उन्होंने कहा, अब यह जानना चाहिए कि हम केवल उन पुस्तकों का इस्तेमाल करते हैं जो उस क्षेत्र में उपलब्ध थे. हमें नहीं लगता था कि उन पुस्तकों में बहुत खतरनाक कुछ था. और अगर कुछ ऐसी चीजें भी हैं, तो हम बच्चों को उन चीजों को नहीं सिखाते हैं. और अब, चूंकि सरकार ने इसके साथ समस्याएं हैं, इसलिए हमने इसका उपयोग करना बंद कर दिया है. इसके बाद भी, अगर सरकार अभी भी हमारे स्कूल बंद कर रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

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