इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमे हाईकोर्ट के खण्डपीठ में मंदिर बनाने की मांग की गई थी. ये याचिका हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के द्वारा दायर की गई थी.

याचिका पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि ‘कोई नागरिक घर या संपत्ति को कुछ नियमों के अधीन रहते हुए पूजा स्थल घोषित कर सकता है, लेकिन सार्वजनिक स्थान के लिए ऐसा नहीं किया जा सकता. .

कोर्ट ने कहा,  सड़क और गलियों में पूजा-प्रार्थना किसी का मूल अधिकार नहीं है, केवल धार्मिक आयोजनों के लिए इनका उपयोग हो सकता है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

अदालत ने कहा कि ‘संविधान ने सरकार को किसी खास धर्म को प्रचार करने का आदेश नहीं देती. एक सार्वजनिक कार्यालय जहां नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन होता है, उसे किसी एक धर्म के पूजा स्थल में नहीं बदला जा सकता. ऐसा हुआ तो वह कार्यालय, कार्यालय नहीं रहेगा.’

Loading...