यूपी के प्रतापगढ़ में पुलिस लाइन स्थित मस्जिद में शुक्रवार को बाहरी लोगों के नमाज पढ़ने से रोकना पुलिस को महंगा साबित हुआ। दरअसल, काफी बहस के बाद तीन दर्जन मुस्लिम युवकों ने जुमे की नमाज अदा करके ही मानी।

जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों के आवास की तरफ मस्जिद है, जिसमें पुलिस लाइन में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के पुलिस कर्मी ही नमाज अदा करते हैं। बीते शुक्रवार को पुलिस ने इस मस्जिद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बाहरी लोगों के नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी थी।

शुक्रवार को जुमे के दिन दोपहर करीब पौने एक बजे पचास से भी अधिक लोग नमाज अदा करने के लिए पुलिस लाइन जाने लगे, इनमें कुछ अधिवक्ता भी थे। पुलिस लाइन गेट पर लगे बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें अंदर जाने से रोकने लगे। ऐसे में एआईएमआईएम के दर्जनों नेता और मुस्लिम अधिवक्ता नमाज पढ़े जाने पर रोकने से खफा हो गए। जिसके बाद दर्जनों की संख्या में लोग मौके पर आ गए।

इस दौरान पूरे रास्ते मुस्लिम अधिवक्ताओं और नेताओं से पुलिस की झड़प होती रही. दर्जनों पुलिसकर्मी उनको रोकने का प्रयास करते रहे, लेकिन उनकी जिद के आगे सफल नहीं हुए। तनावपूर्ण माहौल में लोगों ने नमाज अदा की। उधर AIMIM के नेता इसरार अहमद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा की पुलिस लाइन परिसर में स्थित मस्जिद में मुस्लिम भाई कई वर्षों से नमाज अदा करते हैं, लेकिन आज प्रतापगढ़ पुलिस ने उनको नमाज अदा करने से रोक दिया। जिसके बाद दर्जनों मुस्लिम भाईयों की नमाज भी छूट गई। जबकि दर्जनों लोगों ने जबरन मस्जिद में पहुंचकर नमाज अदा की।

मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित था। पुलिस लाइन में स्थित मस्जिद पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के लोगों के लिए है। पहले दो-चार लोग बाहर के भी आ जाते थे तो ध्यान नहीं दिया जाता था। सुरक्षा कारणों के चलते पिछले शुक्रवार को मस्जिद में आने वाले लोगों को मना कर दिया गया था। शुक्रवार को कुछ लोगों ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए मस्जिद में नमाज पढ़ने की जिद की। पुलिस लाइन में जबरन घुसने और पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। – सुरेंद्र द्विवेदी, एएसपी

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