शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना संकट (Crisis) के बीच बड़ा PPE किट घोटाला सामने आया है। जिसके चलते प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल को अपना इस्तीफा देना पड़ा। डॉ. राजीव बिंदल ने इस्तीफा देते हुए कहा है कि वह नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं।

दरअसल, राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने स्वास्थ्य सेवा के निदेशक अजय कुमार गुप्ता को 20 मई को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी तब हुई जब उनका 43 सेकेंड का एक ऑडियो रिकार्डिंग वायरल हुई, जिसमें वह किसी व्यक्ति से कथित तौर पर पांच लाख रुपए घूस के लिए कह रहे थे।

ऑडियो रिक़ॉर्ड करने वाले शख्स पृथ्वी सिंह ने कहा कि 45 लाख की पेमेंट के लिए पांच लाख रुपये की घूस मांगी गई थी। आरोपी स्वास्थ्य विभाग का पूर्व निदेशक पेमेंट का दस फीसदी मांग रहा था। यही बयान उन्होंने विजिलेंस को भी दिया है। साथ ही उसने माना कि उसने ही तत्कालीन स्वास्थ्य निदेशक एके गुप्ता से हुई उसकी बातचीत को रिकॉर्ड किया था। क्योंकि डा गुप्ता ने पेमेंट रोक दी थी।

पृथ्वी सिंह ने बताया कि पांच लाख रुपये ऑफर करना मेरी मजबूरी थी, क्योंकि मैं पेमेंट के लिए चक्कर काट रहा था। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी की खबरें झूठी हैं। उन्होंने कहा कि ऑडियो में उन्हीं की आवाज है। धमकी या किसी तरह के खतरे के सवाल पर पृथ्वी सिंह ने कहा कि फिलहाल, उन्हें किसी तरह की धमकी नहीं आई है, लेकिन आईजीएमसी में आरोपी कई लोगों को फोन किए थे। ऐसे में उन्हें निजी तौर पर हानी पहुंचाई जा सकती है। साथ ही वह सरकारी कागजों और दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा सकता है।

कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य निदेशक अजय गुप्ता के निर्देशन में परचेजिंग कमिटी ने 9 करोड़ के सप्लाई ऑर्डर दिए गए थे। इसमें मोहाली की एक फर्म को 5 हजार पीपीई किट का ऑर्डर दिया गया था। लेकिन देशभर की 40 कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। सबसे बड़ी बात है कि ऑडियो में पांच लाख की दलाली भी इन्हीं पीपीई किट की डील के लिए की जा रही थी।

बता दें कि कोरोना से निपटने के लिए प्रदेश की सरकार ने निदेशालय और जिला स्तर पर खरीद की छूट दे रखी थी। विजिलेंस का कहना है कि हेल्थ डिपार्टमेंट में हुई इस दलाली के तार जिला स्तर तक जुड़े हैं।

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