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कोटा: आतंकवाद के इलज़ाम में देशभर में पकडे गये मुस्लिम नोजवानो को बाइज़्ज़त बरी होने के बाद कोई भी सरकारी एजेंसी उनके पुनर्वास के लिए आगे नहीं आती। हक़ीक़त में देश में आतंकवाद के नाम पर राजनीति चल रही है। किसी भी सियासी पार्टी की सरकार हो सभी दहशत की राजनीति कर रही है। ये बातें देश की जानी मानी पत्रकार मनीषा भल्ला ने कही।

मानवाधिकार संगठन एनसीएचआरओ द्वारा आज कोटा में आयोजित राउण्ड टेबल डिस्कशन में बोलते हुए मनीषा भल्ला ने कहा कि आंतकवाद के नाम पर पकड़े गये अधिक्तर लोग बेगुनाह हैं। उन्होंने इस बात पर अफ़सोस ज़ाहिर किया कि किसी संवैधानिक संस्था द्वारा आंतकवादी घोषित नहीं किये जाने के पहले ही रिश्तेदार और समाज के लोग पकड़े गए लोगों को आतंकवादी कहने लग जाते है।

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इस मौके पर डेमोक्रेसिया डॉट इन नई दिल्ली के एडिटर आलिमुल्लाह खान ने कहा कि आज मुल्क में एक तबके को पूरी तरह टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये बड़ा सवाल है कि जब जिस ब्लास्ट में जिन लोगों को पकड़ा गया और उनको बरी कर दिया जाता है तो वो कौन लोग हैं जिन्होंने ब्लास्ट किया था क्योंकि ब्लास्ट तो हुआ है, किसी ने तो क्या है ?

उन्होंने आगे कहा, जांच एजेंसियां एक ही दिशा में जांच करती हैं जो इस बात की तस्दीक करती है कि एजेंसियां एक समुदाय के ख़िलाफ़ जानबूझ कर काम कर रही हैं। इस मौके पर मानवाधिकार कार्यकर्ता अन्सार इन्दौरी ने भी अपने विचार रखे।