punch challenge 620x400

केरल के कोच्चि स्थित मेरिन ड्राईव के रेनबो पुल पर रविवार को पंचिंग बैग पर पीएम मोदी की तस्वीर लगाकर ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन से जुड़े एक कार्यक्रम में लोगों ने जमकर लात बरसाई।

जानकारी के अनुसार, एआईएसएफ की ओर से अायोजित पंच मोदी चैलेंज में दर्शकों को दो विकल्प दिए गए थे – एक कि यदि उन्हें लगता है कि केंद्र सरकार ने आम लोगों के लिए बढि़या काम किया है तो वे बैग को गले लगा सकते हैं और दूसरा यह विकल्प था कि वे इससे विपरीत सोंचते हैं तो वे जितना चाहे इसके उपर पंच व लात मार सकते हैं।

आयोजकों के अनुसार, “इस इवेंट ‘पंच मोदी चैलेंज’ में भाग लेने वाले करीब 500 लोगों में से किसी ने इसे गले नहीं लगाया, बल्कि सभी ने पंच और लात मारे।” इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

एआईएसएफ एर्नाकुलम जिला अध्यक्ष एमआर हरिकृष्णन ने कहा कि, हमारे देश की वर्तमान स्थिति काफी दयनीय है। तेल की कीमतें प्रतिदिन बढ़ रही है। जीवन जीना मुश्किल हो गया है। इन सब से हटकर मलयालयी लोगों के पास बाढ़ राहत अभियान में उचित सहायता उपलब्ध न कराने को लेकर केंद्र सरकार के विरोध करने का मुद्दा है। संगठन विरोध करने का कुछ अलग तरह का कैंपेन करना चाहता था। इसलिए ‘मोदी पंच चैलेंज’ का आयोजन किया गया।

उन्होने बताया हाल ही में अमेरिका में भी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ इस तरह का आयोजन किया गया था। हम पीएम मोदी को टारगेट नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके चेहरे को केंद्र सरकार के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। हमारा इरादा उन्हें चोट पहुंचाने का नहीं है।

हरिकृष्णन ने कहा कि, “यहां मौजूद सभी महिलाएं इस बात से नाराज थीं कि केंद्र सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए उचित सहायता उपलब्ध नहीं करवायी। यहां मौजूद पुरुष पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से नाराज थे। वहीं, दूसरे राज्यों के लोग 15 लाख देने के वादे को पूरा नहीं करने की वजह से गुस्से में थे।”

इस घटना के खिलाफ संघ परिवार ने एएसएफएफ एर्नाकुलम जिला सचिव असलफ पारेकदान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, असलाफ कहते हैं, “मुझे आतंकवादी के रूप में टैग किया गया है और वे चाहते हैं कि मैं पाकिस्तान जाऊं। मौत की धमकी भी दी गई है। मेरे बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की। मेरे पास है सरकार के खिलाफ शांति से विरोध करने का अधिकार है। इसमें क्या गलत है? “

Loading...