SRINAGAR, AUG 8 (UNI) Paramedical staff of Shri Maharaja Hari Singh Hospital (SMHS) in Srinagar on Monday protest march against the killing of civilians by security force firing and use of pellet guns since July 9. UNI PHOTO -105U

हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के हाथों मौत के बाद शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल से कई कश्मीरियों को अपनी आंखे और कुछ को अपनी जान तक गवानी पड़ी हैं. पेलेट गन के इस्तेमाल पर सुरक्षाबलों की देश भर में निंदा हो रही हैं.

बुधवार को श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने पेलेट गन के इस्तेमाल के खिलाफ एक आँख पर पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में डॉक्टरों ने पेलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाये जाने की मांग की.

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पेलेट गन के इस्तेमाल पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट रोक लगाने का आदेश जारी कर चुकी हैं. हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का संसद में पैलेट गन के विकल्प तलाशने संबंधी बयान ही इसके प्रयोग को रोकने के लिए काफी है.

गौरतलब रहें कि  सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल की गई पेलेट गन से घायल हुए लोगों में 50 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जिनकी आँखें पेलेट गन की गोलियों से घायल हुई हैं.इनमें से कई लोगों की आंख की रोशनी भी जा चुकी है.

 

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