बलात्कारी राम रहीम को सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद बीजेपी नेता राम रहीम के समर्थन में खड़े नजर आए. साथ ही उन्होंने अदालत के फैसले की अवमानना भी की. ऐसे में अब बीजेपी नेता मुश्किलों में घिर सकते है.

इस मामले में मामले में हाईकोर्ट में दो अलग अलग जनहित याचिकाएं दायर की गई है. जिसमे रियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा द्वारा डेरा समर्थकों पर धारा-144 लागू ना होने, साक्षी महाराज द्वारा कोर्ट के खिलाफ दिए गए बयान को आधार बनाया गया है. दोनों के खिलाफ अदालत की अवमानना के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई.

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वकील नवीन चोपड़ा और जगबीर मलिक ने अलग-अलग जनहित याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा द्वारा डेरा समर्थकों पर धारा 144 लागू ना होने के बयान गुरमीत राम रहीम के जन्मदिन पर 51 लाख रुपए देने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

इसी के साथ रामरहीम को हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा कोर्ट तक लाने और जेल तक ले जाने के लिए हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल करने पर भी सवाल उठ रहे है. दरअसल, इन हेलिकॉप्टरों का किराया और सारा खर्च भी सरकार ने ही उठाया.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मामला रामरहीम और अदालत के बीच था. उसको कोर्ट तक लाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की नहीं थी. फिर उसके लिए हेलिकॉप्टरों का इंतजाम क्यों किया गया ?

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