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वेल्लोर: त्रिपुरा में रूसी क्रांति के नायक व्लादिमिर लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने के बाद अब बीजेपी समर्थको ने तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में समाज सुधारक ईवीआर रामास्वामी ‘पेरियार’ की प्रतिमा को में तोड़फोड़ की है.

पुलिस ने मूर्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों में एक बीजेपी का सदस्य और दूसरा सीपीआई का कार्यकर्ता है. पुलिस अधीक्षक पगलवन ने बीबीसी को बताया कि रात नौ बजे के करीब पुलिस को जानकारी मिली कि वेल्लूर के तिरुपत्तूर तालुका में दो लोग पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने मूर्ति के चेहरे को हथोड़े की चोट से तोड़ दिया था.

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पेरियार के संगठन द्रविड़ कणगम और डीएमके के कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें मूर्ति पर चोट करते देखा और पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया. गिरफ़्तार लोगों में से एक का नाम मुरुगानंदम है. वो वेल्लूर में बीजेपी के शहर महासचिव हैं. दूसरे व्यक्ति का नाम फ्रांसिस है और वो कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता हैं.

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ध्यान रहे यह घटना भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ घंटे बाद ही सामने आई है. भारतीय जनता पार्टी के सचिव एच राजा ने फ़ेसबुक पर लिखा था कि ‘त्रिपुरा में जिस तरह लेनिन की मूर्तियां तोड़ी गईं, एक दिन तमिलनाडु में उसी तरह पेरियार की मूर्तियां तोड़ी जाएंगी’.

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राजा ने तमिल में लिखे फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘लेनिन कौन है और लेनिन तथा भारत के बीच क्या संबंध है? भारत का कम्युनिस्टों से क्या संबंध है? आज त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा हटाई गई, कल तमिलनाडु में ईवी रामसामी की प्रतिमा भी हटाई जाएगी.’

राजा के पोस्ट की निंदा करते हुए स्टालिन ने कहा था कि पेरियार की प्रतिमा को किसी को ‘छ्रने तक का हक नहीं है.’ राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता स्टालिन ने संवाददाताओं से कहा था, ‘एच राजा जैसे वरिष्ठ नेता अकसर ऐसे बयान देते हैं जिससे हिंसा भड़क सकती है. मेरा विचार है कि उन्हें गुंडा एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए.’

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