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बिहार के खगड़िया जिला सेशन कोर्ट के जज द्वारा अपनी बेटी को बंधक बनाने के मामले मे पटना हाईकोर्ट ने सोमवार को पटना पुलिस को आदेश किया वह एक 24 वर्षीय युवती को पिता के चुंगल से छुड़ाकर बुधवार को कोर्ट में प्रस्तुत करे।

लीगल न्यूज वेबसाइट के मुताबिक जज की बेटी सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के साथ रिलेशनशिप में है। इससे नाराज जज सुभाष चंद्र चौरसिया ने 24 वर्षीय लॉ ग्रैजुएट बेटी यशस्विनी के साथ मारपीट कर घर पर बंधक बना दिया लिया।

पटना हाईकोर्ट ने मामला सामने आने पर जज पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हमें शर्म आती है कि आप जैसे जज हमारे बीच में रहकर काम कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने साइट पर छपी खबर पर स्वतः संज्ञान लिया है।

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कोर्ट ने इस मामले को लेकर निर्देश दिया कि पीड़िता को पटना लाने के लिए एसएसपी मनु महाराज साथ में दो महिला पुलिसकर्मियों को जाएं। पटना पुलिस को इसके अलावा यह भी कहा कि आवश्यकता पड़े तो उसके अभिभावकों को भी कोर्ट में पेश किया जाए। कोर्ट ने इस बाबत अधिवक्ता अनुकृति जयपुरियार को कोर्ट की मदद करने के लिए सहयोगी के रूप में नियुक्त किया है।

बता दें कि जज सुभाष चंद्र चौरसिया की बेटी यशस्विनी पटना के चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से स्नातक है। साल 2012 से उसका सुप्रीम कोर्ट के वकील सिद्धार्थ बंसल से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। जज पिता को पहले इस बारे में पता नहीं था, मगर जब उन्हें यह खबर मिली तो उन्होंने बेटी को घर में ही बंधक बना लिया।

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