राजस्थान के अलवर में कथित गौरक्षा के नाम पर की गई गौपालक पहलू खान की हत्या के बाद भी राजस्थान पुलिस ने अब भी सभी हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया हैं. वहीँ वसुंधरा सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए अब पहलू खान को गोतस्कर साबित करने पर तुली हुई हैं.

राज्य के गृहमंत्री अपने निराधार बयानों के जरिए पहलू खान और उसके परिवार को गोतस्कर बता रहे हैं. वहीँ दूसरी तरफ सच्चाई उनके झूठे दावों की पोल खोल रही हैं.  कटारिया ने सोमवार को राज्य विधानसभा में कहा कि खान गाय तस्करों के एक परिवार से थे और उन्होंने उनके बेटे के खिलाफ दो मामलों का हवाला दिया था.

लेकिन खान के बड़े बेटे इरशाद को दोनों मामलों में बरी कर दिया गया है जो गौक्षकों या गायों के स्वयंभू संरक्षक द्वारा दायर किए गए. वर्ष 2011 में हरियाणा के रोहतक में दूसरा और नूह में पहला मामला दर्ज किया गया था। इरशाद ने कहा कि वह 2015 में दोनों मामलों में बरी कर दिया गया था.

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वहीँ उनके 55 वर्षीय पिता के खिलाफ और उसके खिलाफ कोई मामला नहीं था जिससे साफ़ है कि पहलू खान पशु तस्कर नहीं था.