मुंबई: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध करने वाले ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पार्षद सैयद मतीन को शराब के अवैध कारोबार और कुछ अन्य आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

इससे पहले पुलिस ने एआईएमआईएम पार्षद को वाजपेयी को श्रद्धांजलि दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध करने के मामले में  धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना, सांप्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने और दंगा भड़ाकाने के मामले में केस दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया था। हालांकि उन्हे जमानत मिल गई थी।

वरिष्ठ निरीक्षक डी एस सिंघाड़े ने बताया, “पार्षद को औरंगाबाद स्थित हर्सुल जेल भेज दिया गया था और उन्हें मंगलवार को जमानत मिल गयी थी। उसी दिन हमने शहर के पुलिस आयुक्त द्वारा एमपीडीए के तहत दिए गए आदेश से अवगत करा दिया था।”

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उन्होंने बताया कि मतीन के खिलाफ पूर्व में भी दो मामले दर्ज हुए थे। सिंघाड़े ने कहा, “उनके आपराधिक रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद हमने पाया कि वह खतरनाक व्यक्ति है और दो समुदायों के बीच शत्रुता पैदा कर सकता है।” एमपीडीए के प्रावधानों के मुताबिक पार्षद एक साल तक हिरासत में रहेंगे।

बता दें कि नगर पालिका में समांतर पानी की लाइन डालने की परियोजना के संबंध में चर्चा करने के लिए आम सभा की बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान नगर पालिका के महापौर नंदकुमार घोडले ने दिवंगत पूर्व प्रधान मंत्री को श्रद्धांजलि देने का प्रस्ताव रखा लेकिन मतीन ने विरोध जताया।

जिसके बाद भाजपा के पार्षदों ने मतीन की सदन में ही पिटाई कर दी। सदन के सभापति उन्हें रोकते रहे, लेकिन भाजपा के सभी पार्षदों ने उन्हें घेरकर बुरी तरह मारते रहे, बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें किसी तरह सदन से बाहर निकाल कर उन्हें बचाया।

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