Tuesday, September 28, 2021

 

 

 

लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिम फ्रंट बनाने की कवायद शुरू, एएमयू आ सकते है ओवैसी

- Advertisement -
- Advertisement -

सेक्युलरिस्म के नाम पर मुस्लिमों को ठगने के आरोप के साथ ही लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तरप्रदेश में मुस्लिम फ्रंट बनाने की कवायद शुरू होने जा रही है। इस सबंध में 12 फरवरी को 18 से अधिक मुस्लिम पार्टियों के अध्यक्षों को आमंत्रित किया है, जिनमें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हैं।

सपा-बसपा गठबंधन को ‘ठगबंधन’ का नाम देते हुए छात्रसंघ उपाध्यक्ष हमजा सूफियान का कहना है कि सपा व बसपा ने 38-38 सीटों पर चुनाव लडऩे का एलान किया है। दो सीटें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व संरक्षक सोनिया गांधी के लिए छोड़ी हैं। कांग्रेस के खिलाफ गठबंधन चुनाव लड़ेगा। बसपा व सपा ने मुस्लिम पार्टियों के लिए एक भी सीट नहीं छोड़ी। यह तो मुस्लिमों के लिए छलावा है।

सुफयान ने बताया कि मीटिंग में सभी मुस्लिम राजनैतिक दलों को आमंत्रित किया गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से बातचीत चल रही है। वह असदुद्दीन ओवैसी से यहां आने के संबंध में बात करेंगे। बातचीत के बाद सहमति मिलती है तो वह आएंगे। अभी ओवैसी से प्रदेश अध्यक्ष की बात नहीं हुई है।

amuu

एएमयू छात्रसंघ सचिव हुजैफा का कहना है कि सपा, बसपा व कांग्रेस ने मुस्लिमों को भ्रम में ही रखा है। छोटे मुस्लिम दलों को जोड़कर गठबंधन बनाएंगे। 12 फरवरी की मीटिंग के लिए एएमयू से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

बता दें कि यूनियन हॉल में पिछले शनिवार को  मुस्लिम राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें मुस्लिम फ्रंट बनाने पर सहमति बनी थी। मीटिंग में पीस पार्टी, इंडियन नेशनल लीग, राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल, भारतीय मजलिस, आइआरपीएफ, परचम पार्टी, नेशनल अमन पार्टी, एसडीपीआइ, नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी, इंडियन मुस्लिम राबिता काउंसिल आदि दलों के नेता शामिल हुए।

मीटिंग के लिए हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी समेत 18 से अधिक दलों के नेताओं को पांच फरवरी को ही पत्र लिखा जा चुका है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles