लखनऊ:  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई  वाली आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) किसी भी सीट पर खाता नहीं खोल पाई. पार्टी ने 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. लेकिन पार्टी को हर जगह  हार का सामना करना पड़ रहा.

बिहार चुनाव की तरह यूपी चुनाव में भी असदुद्दीन ओवैसी पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगे हैं. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पहले ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और असदुद्दीन ओवैसी के बीच धर्मनिरपेक्ष वोटों को विभाजित करने की डील का आरोप लगा चुके हैं.

हालांकि चुनाव नतीजों के आने से पूर्व ही ओवैसी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि कांग्रेस की यदि हार होती है तो उसके लिए एआईएमआईएम जिम्मेदार नहीं है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा था, कांग्रेस हमें मुस्लिम वोटों के विभाजन के लिए दोषी ठहराती है लेकिन वास्तविकता यह है कि कांग्रेस का हिंदू वोट भाजपा के पास चला गया है. उन्होंने कहा, मेरी पार्टी ओडिशा, जम्मू और कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा में कभी भी चुनाव नहीं लड़ी, लेकिन वहां भी कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ.

Loading...