कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने प्रधानमंत्री मोदी से आरएसएस पर पाबंदी की मांग करते हुए कहा कि संघ को गैर कानूनी संगठन घोषित करना चाहिए।

रावत ने कहा कि मॉब लिंचिंग, संविधान और कानून से खेल करके देश को लोग बांटने का काम कर रहे हैं। संघ समेत ऐसे तमाम संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया जाना चाहिए। संघ समेत ऐसे तमाम संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया जाना चाहिए।

उन्होने कहा कि अगर मोदी जी दिल से ये समझ रहे है कि भारत सर्वधा संभाव का देश है, तो ऐसे में संघ समेत अन्य संगठन जो लोगो को बांटने के लिए मॉब लिंचिंग जैसे जघन्य अपराध कर रहे हैं, भारत के संविधान और कानून से खेल रहे हैं ऐसे संगठनों को गैरकानूनी संगठन घोषित करना चाहिए और ऐसे सांसद व मंत्रियों को भी पार्टी से निकालना चाहिए जिन्होंने इन संगठन के लोगों के जेल से छूटने के बाद सम्मानित किया हो।

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इससे पहले बीबीसी को दिये इंटरव्यू में उन्होने कहा कि आज देश के अंदर असहिष्णुता का वातावरण है। आपसे जो असहमत लोग है, वैचारिक तौर पर आपको जो चोट कर रहे हैं उनको इस दुनिया से ही विदा कर दिया जा रहा है। लव जिहाद से लेकर मॉब लिंचिंग तक एक असहिष्णुता का वातावरण खड़ा कर दिया गया है जबकि भारत की धरती और सनातन धर्म सहिष्णुता की बात करते हैं। हमारी आज़ादी की लड़ाई अंहिसा पर आधारित है। आज संवैधानिक लोकतंत्र खतरे में है. इसलिए जनता भी जागरुक हो चुकी है।

उन्होंने कहा, “15 लाख रुपये देने, हर साल दो करोड़ नौकरी देने और अच्छे दिने वादे नाकाम हो चुके हैं। आज रुपये की गिरावट इतनी तेज़ी से हो रही है कि एक दिन लगता है कि जितनी आडवाणी जी की उम्र है, उस तक रुपया गिर जाएगा, डॉलर के मुकाबले। ये सारी स्थितियां चीख चीख कर कह रही हैं कि इस बार भारत जबरदस्त बदलाव के लिए वोट देगा।”

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