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मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड (एमपीएमबी) ने प्रदेश के 2700 मदरसों को स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर तिरंगा फहराने का आदेश जारी किया है। जिसके बाद एक नई बहस छिड़ गई है। दरअसल, मुस्लिम समुदाय ने सवाल उठाया कि आखिर ये आदेश मदरसों के लिए क्यों जारी किया गया है।

अपने आदेश में मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष सैय्यद इमादउद्दीन ने कहा है कि मदरसों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाएं और इन सबकी फोटो मदरसा बोर्ड के ईमेल आईडी पर भेजे जाएं। इस आदेश के सामने आने के बाद मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि अगर ऐसा ही था तो पहले मदरसों की देशभक्ति जांच ली जाती, फिर उन्हें आर्थिक मदद देते।

नकवी ने कहा कि हमें मदरसे के अंदर, जब हम हिंदुस्तान के अंदर हैं, तो हमें तिरंगा भी फहराना है और राष्ट्रगान भी गाना है। लेकिन जिस तरीके से खास मदरसों को टारगेट किया गया है, उस पर हमें आपत्ति है।मौलाना ने कहा कि जब सरकार कोई सर्कुलर जारी करेगी तो यह सभी शिक्षण संस्थानों और स्कूलों के लिए भी जारी होना चाहिए, लेकिन सिर्फ मदरसों को टारगेट किया जा रहा है।

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इस मामले विवाद बढ़ने पर सैय्यद इमादउद्दीन ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा आदेश दिया हो।इससे पहले बीते साल भी उन्होंने 15 अगस्त पर ऐसा ही आदेश जारी किया गया था। फोटो और वीडियो मांगे जाने के सवाल पर इमादउद्दीन ने बताया कि आजकल का जमाना सोशल मीडिया का है और फोटो मंगवाने का मकसद है कि मदरसा बोर्ड की वेबसाइट पर अच्छी फोटो को चुन कर डाला जाएगा।

उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के आधार पर मदरसों को वार्षिक पुरस्कार दिए जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन हम पिछले तीन सालों से कर रहे हैं। इस साल इसे केवल एक नया नाम दिया गया है। इसका कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।