राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत चौधरी ने कानपुर के एसएसपी को मामला दर्ज करने का आदेश दिया हैं. ये आदेश कथित तौर पर आमिर रशादी मदनी द्वारा सैफुल्लाह के परिवार को भड़काने पर दिया गया हैं.

दरअसल, राष्ट्रिय उलेमा कौंसिल के मौलाना आमिर रशादी मदनी ने आज सैफुल्लाह के पिता से कानपुर में मुलाक़ात करने पहुंचे थे. मुलाक़ात के बाद उन्होंने कॉलोनी के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, अभी मैं सरताज साहब (सैफुल्लाह के पिता )से मिलकर आया हु वो गेट पर खड़े है वो कहते है कि अगर मैं अधिकारियो के बताये हिसाब से नही बयान दूंगा तब मेरी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी ,मोहल्ले वाले और रिश्तेदार भी हमसे दूर हो जायेंगे.

मौलाना ने कहा,पुलिस अधिकारी सरताज साहब पर फ़ोन करके दबाव डाल रहे है. मौलाना राशादी से लोगो से पूछा, क्या आप लोग एक बेगुनाह के लिए लड़ेंगे नही, जिस पर लोगो ने जवाब दिया – हम ज़रूर लड़ाई लड़ेंगे. मौलाना ने कहा कि एक वालिद अपने बेटे का शव डर के वज़ह से लेने से इनकार कर रहा है इससे बुरी क्या बात होगी.

मौलाना ने कहा कि अगर इनका बेटा आतंकवादी है फिर ये भी आतंकवादी है इसलिए इस कलंक को धोना ज़रूरी है और इस फर्जी एनकाउंटर को अंजाम देने वालो पर कार्यवाही होना ज़रूरी है बशर्ते इसके लिए सैफुल्लाह के पिता रज़ामंद हो, अगर ये ही आगे नही आयेंगे तब कैसे इन्साफ मिलेगा.

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