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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रतन स्कवैयर स्थित पासपोर्ट सेवा कें अधिकारी द्वारा हिन्दू-मुस्लिम दंपती मोहम्मद अनस सिद्दीकी और उनकी पत्नी तन्वी सेठ का धार्मिक उत्पीड़न करने के मामला अब भी जारी है।

लखनऊ पुलिस ने तन्वी सेठ के पासपोर्ट की जांच एलआईयू से कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक तन्वी सेठ के नाम और स्थायी पते की जांच होगी। ये आदेश विदेश मंत्रालय की और से पासपोर्ट जारी करने के बाद दिये गए है।

बता दें कि पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा ने पासपोर्ट रिन्यू कराने के बदले धर्मपरिवर्तन कर हिन्दू धर्म अपनाने को कहा था। इतना ही नहीं तनवी से सभी दस्तावेजों में अपना नाम बदलने का निर्देश दिया था। जब दोनों ने मना कर दिया तो विकास ने उनको अपमानित किया।

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हालांकि अब मामला सामने आने के बाद लखनऊ के रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर ने कर्मचारी की ग़लती मानी और दंपति को पासपोर्ट जारी कर दिया गया है। आरोपी अधिकारी विकास मिश्रा का भी तबादला कर दिया। इधर, विकास मिश्रा ने गुरुवार को ही मीडिया के सामने तन्वी सेठ द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया।

मिश्रा का कहना है कि तन्वी सेठ के निकाहनामा पर उनका नाम ‘शादिया अनस’ लिखा हुआ था। मैंने उसी के अनुसार नाम लिखने को कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए गहन जांच करनी होती है कि कोई व्यक्ति पासपोर्ट के लिए अपना नाम तो नहीं बदल रहा है।

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