दो साल पहले नर्मदा नदी के किनारे एक दिन में करीब 7 करोड़ पौधे लगवाने के मामले में कमलनाथ सरकार ने जांच के आदेश दे दिये है। शिवराज सरकार के शासनकाल में 450 करोड़ में ये पौधरोपण किया गया था।

मध्य प्रदेश के वर्तमान वनमंत्री उमंग सिंघार ने इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EWO) को चिट्ठी लिखकर इस मामले में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान, तत्कालीन वन मंत्री गौरीशंकर सेजवार और कुछ शीर्ष वन अधिकारियों की जांच करने के लिए कहा है।

वन मंत्री ने अपने ही विभाग के अधिकारियों को घेरते हुए कहा कि उनके अफसरों ने दोषियों को बचाने के लिए उन्हें भ्रमिक करने की कोशिश की। मंत्री का आरोप है कि इस अभियान के लिए पौधे पास-पड़ोस के राज्यों से बेहद ऊंची कीमत पर खरीदे गए।

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उनका आरोप है कि इस कवायद के जरिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। बता दें कि 24 जिलों में सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक यह पौधरोपण अभियान चलाया गया था।

तत्कालीन सीएम चौहान ने नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में पौधे लगाकर इस अभियान की शुरुआत की थी। राज्य के तत्कालीन पब्लिक पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर ने कहा था कि इस अभियान के दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के पदाधिकारी भी कई जगहों पर मौजूद थे।

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