india muslim 690 020918052654

कुल 203 सीटें वाले मध्‍य प्रदेश में 47 लाख से ज्यादा मुस्लिम हैं। जो कुल आबादी का करीब 6.5 प्रतिशत है। लेकिन वर्तमान में पूरे राज्य में केवल एक ही मुस्लिम विधायक है। इस बार भी विधानसभा चुनावों में काँग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां मुस्लिमों को उनका प्रतिनिधित्व देने से कतराती नजर आ रही है।

साल 1962 में 7 मुस्लिम जनप्रतिनिधि चुनकर विधानसभा में आए थे। छह दशक बाद, यानी कि साल 2013 में मध्य प्रदेश विधानसभा में सिर्फ एक ही जनप्रतिनिधि है। साल 2013 के विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने पांच मुस्लिम उम्मीदवारों को उतारा था। इन सभी उम्मीदवारों में से चार उम्मीदवार चुनाव हार गए थे। जबकि भाजपा ने सिर्फ एक मुस्लिम उम्मीदवार आरिफ बेग को भोपाल उत्तर सीट से कांग्रेस के आरिफ अकील के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन आरिफ बेग को इस चुनाव में मुंह की खानी पड़ी थी।

साल 1977 से भोपाल उत्तर सीट से हमेशा मुस्लिम उम्मीदवार ही जीतता आया है। हालांकि 1993 का विधानसभा चुनाव इसका अपवाद रहा है। जबकि साल 1998 से ही आरिफ अकील इसी सीट से अजेय रहे हैं। लेकिन जब बात मुस्लिमों को कम टिकट देने पर आती है तो भाजपा और कांग्रेस दोनों एक ही सुर में बात करते हैं।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

electon

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने उन्हें बताया, ”हमने उन्हें टिकट दिए हैं लेकिन वे चुनाव हार गए। अंत में इससे बीजेपी को फायदा मिलता है। अल्पसंख्यक समुदाय निश्चित रूप से हमारे साथ है। लेकिन उन्हें चुनाव में सीट जीतने के काबिल होना पड़ेगा।”

वहीं भाजपा नेता और मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शौकत मोहम्मद खान ने एनडीटीवी से कहा, ”हमने पिछले साल भी उन्हें टिकट दिए थे। हमारे यहां कई मुस्लिम सांसद और मंत्री भी हैं। लेकिन टिकट देने का हमारे मानक अलग हैं। जो भी जीतने की स्थिति में होते हैं हम उन्हें टिकट देते हैं।

Loading...