देशभर में प्याज की कीमते आसमान छू रही हैं। इसी बीच वाराणसी में समाजवादी पार्टी के यूथ विंग की स्वामित्व वाली कुछ दुकानों पर प्याज लोन पर मिल रही है। लोन पर प्याज देने के लिए दुकानदार आधार कार्ड गिरवी रख रहे हैं।

दरअसल, वाराणासी में समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने ज्वैलरी की जगह तिजोरी में प्याज रखकर उसके महत्व को बताते हुए लोन पर प्याज देने का प्रदर्शन किया। वाराणासी के सुंदरपुर के ज्वैलरी की एक दुकान में लोन पर प्याज देने और आधार कार्ड दिखाने पर प्याज मिलने का प्रदर्शन किया गया। यहां महिलाएं पायल गिरवी रखकर प्याज ले दिखाई गईं। यही नहीं दुकान के बाहर प्याज खरीदने वाले आधार कार्ड दिखाकर प्याज ले रहे हैं।

समाजवादी युवजन सभा के नेता सत्य प्रकाश का कहना है कि जैसे होम क्रेडिट योजना केंद्र सरकार की है। वैसे ही महंगाई के मद्देनजर प्याज आम जरूरत की चीजों से हटा चला जा रहा है। लोगों की थालियों में प्याज नहीं है लेकिन लोगों के आंसुओं में है। महंगाई इतनी चरम सीमा पर है कि प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। उपभोक्ताओं को प्याज नसीब नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि हालात यह हैं कि सुनार की दुकानों पर मासिक किस्तों के दर पर प्याज लेने को विवश हैं। कालाबाजारी की वजह से प्याज की कीमत बढ़ी हुई है, जिस पर सरकार कंट्रोल नही कर पा रही है। वहीं आभूषण की दुकान पर अपनी पायल गिरवी रखकर प्याज ले जाने आई राजकुमारी ने कहा कि घर में पैसे न होने के कारण पायल गिरवी रखकर ब्याज पर प्याज लेने आई हूं।

प्याज के दाम दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। जनता के साथ-साथ अब सरकार भी लाचार नजर आने लगी है। प्याज की किल्लत के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके रिटेल रेट 80 से 120 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। सरकारी संस्थानों की ओर से भी अब प्याज की रियायती दामों पर बिक्री नहीं की जा रही है। इस साल खरीफ सीजन के प्याज की फसल खराब होने के कारण अब सारी उम्मीदें आयात पर टिक गई हैं। सितंबर में प्याज के खुदरा रेट 50-60 रुपये किलो के आसपास थे।

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