सपा नेता आज़म खान द्वारा गाय लौटने पर गोवर्धनपीठ के शंकराचार्य ने कहा कि मौजूदा भय के माहौल की वजह से आजम खान ने ऐसा किया है. उन्होंने इसे अफसोसनाक करार दिया. शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज ने आजम खान को दो साल पहले ये गाय बतौर तोहफें में दी थी.

सपा नेता ने शंकराचार्य को लिखे पत्र में कहा है कि मुस्लिम असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं. कोई भी स्वयंभू गौरक्षक मुझे या मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने के लिए गाय को नुकसान पहुंचा सकता है या नहीं तो फिर इस खूबसूरत और लाभकारी जानवर की हत्या भी कर सकता है.

आज़म खान ने शंकराचार्य से कहा कि उन्होंने गाय का अच्छी तरह से पालन-पोषण किया और गाय को उसकी सुरक्षा के मद्देनजर लौटाया जा रहा है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि गाय को दोपहर में संत को सुरक्षित भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि राजस्थान के अलवर में गौ तस्करी के शक में गोरक्षकों द्वारा एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने की घटना से वे खासे डरे हुये हैं. उन्हे बदनाम करने के लिए कोई भी गोरक्षक गाय की हत्या कर सकता है.

याद रहे उन्हें ये गाय अक्टूबर 2015 में तोहफें में दी गई थी. दरअसल उन्होने उस वक्त अपनी डेयरी में एक गाय रखने की इच्छा जतायी थी. उसके बाद से ही यह गाय और उसका बछड़ा आजम खान के तबेले में पल रही थी.

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें