योगी सरकार ने बागी राजभर को किया मंत्रिमंडल से बाहर, बेटे और पार्टी पर भी ऐक्शन

8:56 pm Published by:-Hindi News
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लोक सभा चुनाव 2019 के नतीजे आने से ठीक पहले भाजपा ने सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के खिलाफ एक बड़ा कदम उठा लिया और उन्हें यूपी सरकार में मंत्री पद से हटा दिया है। साथ ही योगी ने ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर के साथ ही उनकी पार्टी के 7 सदस्यों को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गठित समितियों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

वहीं राजभर को हटाने के बाद भाजपा ने एक बयान जारी किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि प्रदेश में हमारे गठबंधन सहयोगी रहे ओम प्रकाश राजभर ने गठबंधन धर्म की मर्यादा का हर कदम पर ना केवल उल्लंघन किया बल्कि उसकी मर्यादा को भी तार-तार किया है इसलिए पार्टी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त कदम उठाया है।

भाजपा ने कहा कि लोक सभा चुनाव में राजभर ने भाजपा के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े किए, तो वहीं उन्होंने विपक्षी पार्टियों का समर्थन भी किया। साथ ही उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ गाली-गलौच भी की। इसलिए पार्टी ने उन्हें सरकार से मंत्री पद से हटाने का निर्णय लिया है।

लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे के लेकर राजभर लगातार भाजपा के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। उन्होंने कथित रूप से भाजपा नेताओं को मां की गाली तक दे डाली थी। राजभर ने अपना इस्तीफा भी मुख्यंमत्री को दिया था लेकिन चुनाव के मद्देनजर सरकार की तरफ से उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा रहा था।

इसलिए हुए भाजपा से अलग :

लोकसभा चुनाव में राजभर ने पूर्वांचल की पांच सीटें मांगी लेकिन भाजपा ने लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं दी। भाजपा ने ओम प्रकाश राजभर की पसंदीदा सीट घोसी (मऊ) देने की पेशकश जरूर की लेकिन शर्त यह थी कि वह भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। राजभर ने यह शर्त ठुकरा कर राजभर ने चुनावी मैदान में भाजपा के खिलाफ ताल ठोंक दी और फिर पांचवें, छठे और सातवें चरण में 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए। इनमें 22 सीटों पर सुभासपा उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए

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