Tuesday, June 22, 2021

 

 

 

एनआरसी में हो सकते हैं 2.77 लाख ‘अवांछित’ नाम, गुवाहाटी हाईकोर्ट को दी गई जानकारी

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राष्‍ट्रीय नागरिकता रजिस्‍टर (NRC) में खराब गुणवत्‍ता जांच और नियंत्रण के कारण 2.77 लाख अवांछनीय (undeserving) लोगों के नाम शामिल हो सकते हैं। ये जानकारी गुवाहाटी हाईकोर्ट को दी गई है।

असम के एनआरसी कोआर्डिनेटर हितेश देव सरमा की ओर से दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है कि एनआरसी अथॉरिटी ने यह अनुमान ड्राफ्ट NRC के 27 फीसदी नामों के वैरीफिकेशन के बाद डीलिट किए गए एक लाख नामों के आधार पर लगाया है। बाकी के एनआरसी में भी बड़ी संख्‍या में अवांछित नाम (ineligible name) हो सकते हैं।

18 पन्नों के इस हलफनामे में कहा गया है कि घोषित विदेशी (डीएफ), डाउटफुल वोटर (डीवी) और विदेशी ट्रिब्यूनल (पीएफटी) से संबंधित 1,032 व्यक्ति जैसी श्रेणियों में लंबित मामले और उनके वंशजों को एनआरसी में गलत तरीके से शामिल किया गया है।

एनआरसी के को-ऑर्डिनेटर ने हलफनामे में आगे कहा है कि देश के मूल निवासियों के इस गलत नतीजे के पीछे रजिस्टर बनाते वक्त नाम दर्ज करने में गुणवत्ता की कमी के साथ ही दोबारा सही तरीके से मिलान न करना प्रमुख वजह है।

आईएएस अधिकारी सरमा ने हलफनामे में स्पष्ट रूप से कहा कि असम के लिए अपडेटिड एनआरसी में लगभग 4,800 अयोग्य व्यक्तियों को शामिल किया गया है। यह हलफनामा एक खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसमें न्यायमूर्ति मनोजीत भुइयां और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया शामिल थे।

हाईकोर्ट में दायर किए गए हलफनामे में बताया गया है कि पिछले साल अगस्त में 10,199 नामों की फिर से जांच की गई थी, जिसमें 4795 लोगों को शामिल किया गया था, जबकि 5,404 लोगों की एंट्री नहीं की गई।

सरमा ने अपने हलफनामे में कहा कि प्रकाशित एनआरसी में उनके द्वारा खोजी गई सभी विसंगतियों को 15 फरवरी को रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) को सूचित कर दिया गया था और एनआरसी सूची में हुई गडबड़ी के बारे में जानकारी दे दी गई थी।

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