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असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के अंतिम मसौदे र जारी विवाद के बीच असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने शनिवार को एनआरसी को आधार से जोड़े जाने की वकालत की। इतना ही नहीं उन्होने देश के सभी राज्यों में एनआरसी को लागू करने पर भी ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा कि एनआरसी सिर्फ असम ही नहीं बल्कि तमाम राज्यों में तैयार किया जाना चाहिए। उन्होने कहा, अगर अन्य राज्य ऐसी पहल करते हैं तो मैं यह भी कहना चाहूंगा कि अन्य राज्यों में यह काम बहुत जल्दी पूरा हो सकेगा क्योंकि असम सरकार के अधिकारियों का अनुभव उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

जगदीश मुखी ने कहा, ’यह भारतीय बनाम विदेशी का मुद्दा है और असम में एनआरसी असम समझौते के अनुसार है।’ अंतिम एनआरसी में एक भी भारतीय का नाम नहीं छोड़ा जाएगा। मुखी ने कहा, ‘निश्चित तौर पर उनके नाम सूची में होंगे।’ उन्होंने कहा, ‘जिनके नाम छूट गए हैं, उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने का मौका दिया जाएगा।’

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उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा कि इतनी व्यापक प्रक्रिया में कुछ नामों का छूटना बड़ी बात नहीं है। इतना बड़ा काम हुआ है, उसमें कई गलतियां हो सकती हैं, भूल चूक हो सकती है, लेकिन उन सभी को दुरुस्त करने के भी पुख्ता इंतजाम इसमें किए गये हैं।

इन्हें सुधारने के लिये पर्याप्त समय दिया गया है। इसीलिए मैंने कहा कि यह प्रारूप मात्र है। जहां तक जनसामान्य की चिंता की बात है तो मैं यह जरूर कहूंगा कि यह जो इतना बड़ा कार्य हुआ है वह असम की जनता के साथ जो एक समझौता हुआ था, उसके तहत हुआ है।

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