उत्तरप्रदेश में भगवा सरकार के गठन के साथ ही अल्पसंखयक मुस्लिम समुदाय का जीना दूभर हो चुका है। राज्य सरकार मुस्लिमों की धार्मिक स्वतंत्रता को रही है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे बड़े राज्य में मुस्लिमों को न तो ईद की नमाज अदा कर पाए दरअसल उन्हे कुर्बानी करने से रोक दिया गया।

घटना बिजनौर किले के शिवाला कलां गांव की है। जहां प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय को ईद की नमाज और कुर्बानी से रोक दिया। इतना ही नहीं रोके जाने को लेकर प्रशासन के पास कोई उचित जवाब नहीं है। प्रशासन का दावा है कि शिवालाकलां में बड़ी कुर्बानी नहीं होती थी। लेकिन रिकॉर्ड बताते है कि इस गांव में हमेशा से ही नमाज और बड़े की कुर्बानी होती रही है।

दरअसल, योगी सरकार में प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय से उनका ईद मनाने का हक हिन्दू संगठनो के दबाव में आकर छिना है। हिन्दू संगठनोने कुर्बानी का विरोध किया था। जिसके बाद गांव में पुलिस तैनात कर दी गई। जिसके चलते शिवाला कलां सहित पास के गांव जुझैला, शिवाला खुर्द और आराजी भैंसा में न तो मुस्लिम नमाज अदा कर सके और नहीं नहीं कुर्बानी दी जा सकी।

Shiwala kalan jila bijnor up. me eid nahi manaigai or na eid ki namaz ada ki

Arshad Ansari ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಬುಧವಾರ, ಆಗಸ್ಟ್ 22, 2018

इसके अलावा नजीबाबाद-हरिद्वार नेशनल हाईवे स्थित राहतपुर खुर्द में भी मदरसे में कुर्बानी नहीं देने दी गई। मदरसें पर पुलिस की तैनाती कर कुर्बानी से रोक दिया गया। हालांकि दूसरी जगह कुर्बानी करवाई गई।

शिवालाकलां में बड़ी कुर्बानी नहीं होती थी। लोग अमरोहा के नौगावां में कुर्बानी करने जाते थे। चंद लोग विवाद बढ़ा रहे है। शरारती तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।

उमेश कुमार मिश्रा, एसडीएम, चांदपुर