राजस्थान के विधानसभा चुनाव में बसपा के वाजिब अली सहित कुल आठ मुस्लिम विधायक निर्वाचित हुए। जिनमे सात कॉंग्रेस के है। लगभग दो दशक बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब बीजेपी के विधायक दल में कोई मुस्लिम चेहरा नहीं होगा।

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 195 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की समग्र सूची में 15 मुस्लिम नाम शामिल किए थे।इनमें से सात लोग विधायक बने हैं। वहीं बीजेपी के उम्मीदवारों में से सिर्फ एक मुस्लिम चेहरा युनुस खान थे। जिनको भी हार का सामना करना पड़ा।

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दरअसल इस बार आरएसएस के दबाव के चलते मुस्लिमों को बीजेपी ने टिकट देने में आनाकानी की जिसके चलते वसुंधरा राजे की 36 क़ौमों को साथ लेकर चलने वाली छवि को भारी नुकसान पहुंचा और इस चुनाव में मुस्लिम समुदाय ने बीजेपी से किनारा कर लिया।

क्रमांक विधानसभा प्रत्याशी हार/जीत
1 आदर्श नगर रफीक टांक (कांग्रेस) जीत (88541)
2 रामगढ़ सेतिया जुबेर खान (कांग्रेस) परिणाम नहीं
3 कामां जाहिदा खान (कांग्रेस) जीत (110789)
4 सूरसागर प्रो.अयूब खान (कांग्रेस) हार (81122)
5 लाडपुरा गुलनाज (कांग्रेस) हार (83256)
6 पोकरण सालेह मोहम्मद (कांग्रेस) जीत (82964)
7 फतेहपुर हाकम अली (कांग्रेस) जीत (80354)
8 किशनपोल अमीन कागजी (कांग्रेस) जीत (71189)
9 पुष्कर नसीम अख्तर (कांग्रेस) हार  (75471)
10 नागौर हुबीबुर्रहमान (कांग्रेस) हार  (73307)
11 मकराना जाकिर हुसैन (कांग्रेस) हार (85713)
12 शिव अमीन खान (कांग्रेस) जीत (84338)
13 संगरिया शबनम गोदारा (कांग्रेस) हार (92526)
14 चूरू रफीक मंडेलिया (कांग्रेस) हार (85383)
15 तिजारा इमामुद्दीन अहमद खान (कांग्रेस) हार (55011)
16 सवाई माधोपुर दानिश अबरार (कांग्रेस) जीत (85655)
17 नगर वाजिब अली (बसपा) जीत (62644)
18 टोंक युनूस खान (बीजेपी) हार (54861)

डीडवाना से विधायक व वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री रहे युनुस खान को भी पार्टी ने बिलकुल अंतिम समय में टोंक से प्रत्याशी बनाया था। जबकि वह आसानी से डीडवाना से जीत हासिल कर सकते थे। लेकिन उन्हे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट से मुक़ाबला करने के लिए भेजा गया और उन्हे 54,179 मतों से हार का मुंह देखना पड़ा।

इस तरह से बीजेपी के 73 नए विधायकों में एक भी मुस्लिम चेहरा नहीं है। पार्टी ने 2013 में चार मुस्लिम चेहरे उतारे थे जिनमें से युनुस खान व हबीबुर्रहमान (नागौर) जीते थे। पार्टी ने इस बार हबीबुर्रहमान को मौका नहीं दिया तो वह कांग्रेस में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें नागौर से अपना टिकट दे दिया। रहमान वहां दूसरे स्थान पर रहे।

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