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हरिद्वार | गुजरात में पाटीदार आन्दोलन के पुरोधा हार्दिक पटेल ने नोट बंदी पर प्रधानमंत्री मोदी को कठघरे में खड़ा किया है. हार्दिक पटेल ने मोदी की नोट बंदी करने की मंशा पर सवाल उठा दिए है. हार्दिक पटेल ने नोट बंदी को भ्रष्टाचार मिटाने की लड़ाई नही बल्कि किसी बड़े भ्रष्टाचार का षड्यंत्र है. हार्दिक पटेल ने नमामि गंगे योजना को भी सरकारी पैसे ठिकाने की योजना करार दिया .

अदालत के आदेश पर निर्वासन झले रहे हार्दिक पटेल आजकल हरी की नगरी , हरिद्वार में है. यहाँ पत्रकारों से बात करते हुए हार्दिक पटेल ने मोदी पर कई प्रहार किये. नोट बंदी पर बोलते हुए हार्दिक पटेल ने कहा की नोट बंदी से देश का आम आदमी परेशान है. इस योजना से किसी भी अमीर आदमी को कोई फर्क नही पड़ा, केवल गरीब इससे प्रभावित है.

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हार्दिक पटेल ने 2000 के नोट पर सवाल उठाते हुए कहा की मोदी सरकार दावा करती है की वो नोट बंदी करके कालेधन के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है. 2000 का नोट जारी करना उनकी मंशा को दर्शाता है. वो कालेधन को खत्म नही बल्कि और बढ़ाना चाहते है. नोट बंदी से भ्रष्टाचारी , कालाधन रखने वाला मस्त है और गरीब त्रस्त है. अपनी अगली योजना के बारे में बताते हुए हार्दिक ने कहा की वो 17 जनवरी से फिर से आन्दोलन करने वाले है.

हरिद्वार में गंगा की दुर्दशा पर बोलते हुए हार्दिक ने कहा की मोदी सरकार ने गंगा को साफ करने के लिए नमामि गंगे योजना चलायी हुई है. इस योजना पर अभी तक चार हजार करोड़ रूपए खर्च हो चुके है. क्या गंगा की थोड़ी सी भी सफाई हुई? नमामि गंगे योजना गंगा को साफ़ करने के लिए नही बल्कि सरकारी पैसा ठिकाने लगाने की योजना है. यह गंगा की दुर्दशा देखकर ही लगता है. इस योजना की आड़ में अब तक चार हजार करोड़ रूपए ठिकाने लगाए जा चुके है.

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