hard1

hard1

गुजरात विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही बीजेपी के लिए मुसीबत बने हुए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की मुसीबतें बढ़ गई है.

गुजरात में महेसाणा जिले के विसनगर तालुका की विसनगर सेशन कोर्ट ने हार्दिक पटेल, लालजी पटेल और अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. यह वारंट 23 जुलाई 2015 को विसनगर में  बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय में तोड़फोड़ करने के आरोप में जारी किया गया है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

गुजरात हाईकोर्ट ने इस केस में हार्दिक पटेल को पिछले साल 11 जुलाई को जमानत दी थी. लेकिन विसनगर के मजिस्ट्रेट की अदालत ने लगातार तीन पेशी पर गैरहाजिर रहने की वजह से हार्दिक के खिलाफ वारंट जारी किया है.

ध्यान रहे विसनगर साल 2015 में हुए पाटीदार अनामत (आरक्षण) आंदोलन का प्रमुख गढ़ रहा था. ऐसे में अब इस वारंट को लेकर जमकर राजनीति होनी है.

आपको बता दें कि वारंट के तहत हार्दिक को या तो खुद समर्पण करना होगा, नहीं तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी. इस मामले में हार्दिक के पास ऊपरी अदालत में जाने का विकल्प भी खुला है.