मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को घोषणा की कि दिल्ली में इस साल शराब की कोई नई दुकान नहीं खुलेगी और यदि उत्पात की कोई शिकायत होगी तो मोहल्ला सभा अपने आसपास की शराब की दुकानें बंद करने के लिए अधिकारसंपन्न होगी.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में बीस मिनट चली कैबिनेट बैठक के बाद दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया है कि राजधानी की किसी भी शराब की दुकान को बंद करने के लिए किसी भी मोहल्ला सभा को दस प्रतिशत सदस्यों के हस्ताक्षर के साथ शिकायत आबकारी विभाग को देनी होगी.

केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘कई लोगों को अपने इलाके में शराब की दुकानों से समस्या होती है क्योंकि लोग खुलेआम शराब पीते हैं और उत्पात मचाते हैं. महिलाएं बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस करती हैं क्योंकि वे ऐसे मामलों में असुरक्षा महसूस करती हैं. अतएव हमने दो निर्णय लिए हैं.’’

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘सरकार केवल टैक्स वसूली के लिए शराब दुकान नहीं खोलेगी, लोग तय करेंगे कि दुकान चलनी है कि नहीं और कहां चलनी है, अभी तक इंस्पेक्टर राज था, अब जनता का राज होगा’. सिसोदिया ने कहा कि एल 6 और एल 7 की दुकाने ज्यादातर सड़कों के किनारे, डीडीए मार्केट में चलती हैं इसलिए इनसे सबसे ज्यादा समस्या उत्पन्न होती है और इसे दूर करने के लिए ही ये फैसले लिए गए हैं.

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