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बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के शिक्षकों को खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) मुहिम के तहत ऐसे लोगों की तस्वीर खींचने की ड्यूटी पर लगाया है. जो खुले में शोच करते है.

औरंगाबाद जिला प्रशासन की और से जारी आदेश में 61 प्राइमरी और मिडिल स्कूल के टीचरों को ऐसे लोगों को तस्वीर लेने के लिए कहा जो खुले में शौच जाते हैं.

दरअसल, औरंगाबाद जिला प्रशासन ने ओडीएफ मुहिम के तहत पवई पंचायत को 31 दिसंबर, 2017 तक खुले में शौच से मुक्त कराने लक्ष्य रखा है. इसके लिए मुजफ्फरनगर में कुंडी ब्लॉक प्रशासन ने 44 शिक्षकों को नियुक्त भी कर दिया. हालंकि इस आदेश का विरोध भी शुरू हो गया है.

शिक्षकों के लिए अपमानजनक कार्य करार देते हुए बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ (बीएमएसएस) जनरल सेक्रेटरी और पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने सरकार से मांग की है इस आदेश को वापस लिया जाए.

आदेश के तहत शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह 5 बजे और शाम 4 बजे रोजाना खुले में शौच जाने वाले लोगों पर निगरानी रखेंगे. साथ ही ऐसे लोगों की सेल्फी लेकर अधिकारियों को भेजेंगे.

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