पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मंजूरी देने से इंकार कर दिया। इसके बजाय उन्होने राज्य फसल सहायता योजना की शुरुआत की है।

मंगलवार की शाम नीतीश कैबिनेट की बैठक में राज्य फसल सहायता योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। बिहार सरकार की नई योजना इस वर्ष की ख़रीफ़ फ़सल के सीजन से लागू हो जाएगी।

इस योजना के तहत वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की कमी होने पर प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा दो हेक्टेयर तक पंद्रह हज़ार रुपये तक दिए जाएंगे। इसके अलावा वास्तविक उपज में बीस प्रतिशत से अधिक कमी आने पर दस हज़ार रुपये प्रति हेक्टेयर और अधिकतम बीस हज़ार तक दिए जाएंगे।

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योजना के बारे में जानकारी देते हुए सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद ने बताया कि पूर्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिसमें केंद्र को 49 प्रतिशत, राज्य को 49 प्रतिशत और लाभ और किसान को 2 प्रतिशत  प्रीमियम राशि में हिस्सा भुगतान करना पड़ता था, मगर वास्तव में स्थिति आती है इसका फायदा केवल कुछ ऋणी किसानों को मिल पाता था।

अतुल प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2016 के आंकड़ों के मुताबिक मंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य सरकार की प्रीमियम राशि 495 करोड़ थी जबकि किसानों को मिलने वाली राहत राशि मात्र 221 करोड़ रही. इसी वजह से राज्य के सभी वर्ग के किसानों को राहत पहुंचाने के लिए इस नई समावेशी “बिहार राज्य फसल सहायता योजना” की शुरुआत की गई।

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