सूरत: रज़ा एकडेमी प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने सोमवार को कहा कि असामाजिक तत्वों की और से आये दिन पैगंबर ए इस्लाम हजरत मुहम्मद (ﷺ) की शान में अपमानजनक टिप्पणियां कर मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करने का कार्य किया जाता है। जिससे रोका जाना अत्यंत आवश्यक है।

तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड की बैठक के लिए सूरत पहुंचे सईद नूरी साहब ने कहा कि इस्लाम के दुश्मन अपनी लाख कोशिश कर लें लेकिन वह शाने मुस्तफा (ﷺ) को घटा नहीं सकते। वह लोग खुश किस्मत है जो नामुस रिसालत की पहरेदारी कर रहे।

उन्होंने कहा कि इस्लाम की 1400 साल की तारीख़ में हुजूर की नामुस पर पहरा देते हुए अपनी जान कुर्बान करने वालों ने खुद को गौरान्वित किया है। हर मुसलमान कानूनी दायरे में रहकर गुस्ताखों के खिलाफ हर मुमकिन कार्रवाई करें। हमारे लिए दुनिया व आख़िरत की ये सबसे बड़ी कमाई है। कायदे मिल्लत ने कहा कि मुसलमानों को अपने बच्चों के सीनो में इश्के रसूल (ﷺ) की शमा रोशन करना चाहिए।

पूना से आए मुफ्ती आबिद रज़ा मिस्बाही ने कहा कि रातों रात मशहूर होने के लिए ये लोग इस्लाम के खिलाफ अनर्गल टिप्पणियां करते रहते है। ये लोग देश की शांति, सौहार्द और भाईचारे के बड़े दुश्मन है। मुसलमानों को लीगल और आईटी टीम गठित कर ऐसे लोगों को अदालतों के जरिए जेल पहुंचाया जाना चाहिए।

इस दौरान नात ख्वां अहमद रज़ा उर्फ नूरी मियां ने नाते रसूल (ﷺ) पेश कर समा बांध दिया। बैठक में हजरत मौलाना सय्यद गुलाम महिउद्दीन साहब, मुफ़्ती सलीम।मिस्बाही, मौलाना नूर अहमद अजहरी, आदिल नूरानी मौजूद रहे।