मुंबई: शहर के माहिम इलाके में स्थित हजरत बाबा मखदूम शाह माहिमी की दरगाह पर गुरुवार को मुंबई के जाने-माने धर्मगुरु हज़रत मोइनुल मशाइख हज़रत अल्लामा सैयद मोइनुद्दीन अशरफ़ अशरफ़ी अल-जिलानी की और से बाद नमाज मगरीब चादर पेश की गई। इस मौके पर रज़ा अकादमी के प्रमुख अल्हाज मोहम्मद सईद नूरी के अलावा, बड़ी संख्या में सुन्नी उलेमा भी मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार, आठवी शब के मौके पर हजरत सय्यद मोइन मियां साहब क़िबला हजरत टोपी वाले बाबा के आस्ताने से जुलूस की शक्ल में चादर लेकर पहुंचे और आस्ताना मखदूम शाह बाबा के दरबार में पेश की। चादर पेश करने के बाद भारत से कोरोना के खात्मे को लेकर विशेष दुआ हुई।

हजरत सय्यद मोइन मियां साहब ने बताया कि मुंबई के निवासियों और गरीब लोगों के लिए मखदूम बाबा का आस्ताना बहुत बड़ा महफूज ठिकाना है। आपके आस्ताने से हर रोज मुंबई के लोग ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के लोग हाजिरी देते है और मुंह मांगी मुरादे पाते है।

रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सय्यद नुरी ने कहा कि रज़ा अकादमी ने भारत में कोरोना महामारी को मिटाने के लिए मखदूम पाक के आस्ताने से ही ‘कोविड फ्री इंडिया’ की शुरुआत की थी। और मखदूम बाबा की करामात और सरकार गरीब नवाज के आस्ताने से फैज जारी हुआ। जिससे मुल्क से कोरोना की वबा का खात्मा हुआ।

जनाब साहिल खंडवानी ने कहा कि सरकार मखदूम पाक के आस्ताने से हिन्दू-मुसलमान को फैज मिलता है। मुझे जायरीन की खिदमत का मौका मिला है और हम खिदमत करते है। और हर धर्म, जात के लोग यहां हाजिरी देते है। खास बात ये है कि ये बात जमाने में मशहूर है कि माहिम शरीफ के बाबा मुंबई के पुलिस वालों के बाबा है। इस वजह से हर साल मुंबई पुलिस की और से उर्स के मौके पर सबसे पहले पुलिस वालों की चादर पेश की जाती है। इस दौरान पुलिसकर्मी सलामी भी पेश करते है। साथ ही नात ख्वानी, कुरान ख्वानी और महफिल मिलाद भी आयोजित की जाती है।

इस मौके पर बाबा नूरी, हजरत मौलाना सय्यद हाशमी मियां साहब, मौलाना जफरुद्दीन रजवी, मौलाना अमानुल्लाह रज़ा, मौलाना कमर रज़ा अशरफी, मौलाना अब्बास रजवी, अल्हाज मुहम्मद इस्लाम, अल्हाज इमरान दादनी, रमजान सोरठिया, मुहम्मद नाजिम खान मौजूद रहे।