देवास। हिंदुस्तान की मशहूर ख़ानक़ाह ए बरकातीया मारेहरा शरीफ़ के साहिब ए सज्जादा हज़रत सय्यद मुहम्मद अमीन मियां कादरी बरकाती के भाई सय्यद मुहम्मद अफ़जल मियां बरकाती (आईपीएस) का इस दुनिया से रुखसत होना अहले सुन्नत के लिए एक बड़ा नुकसान है जिसका बदला बहुत मुश्किल है।

एमएसओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुजात अली क़ादरी ने सभी स्टेट अध्यक्षों को संदेश जारी कर ईसाले सवाब की महफ़िल करने के लिए निर्देश दिये थे, जिसका पालन करते हुवे एमएसओ की यूनिट्स द्वारा मरहूम के ईसाले सवाब के लिए पूरे मुल्क मे जुमा की नमाज़ के बाद इसाले सवाबे की महफ़िलें हुई ।

MSO देवास यूनिट द्वारा भी शहर की मोहम्मदी रंगरेज़ान मस्जिद में महफ़िल का आयोजन हुआ कन्वेनर अमान रज़वी ने बताया कि जुमा की नमाज़ के बाद सिलसिला ए नक्शबंदिया के पीर सूफी अख़्तर हुसैन साहब के खलीफा हज़रत अल्लामा मौलाना हाफिज अतीक़ नक्शबंदी साहब द्वारा मरहूम सय्यद मुहम्मद अफ़जल मियां के हक़ में खास दुआ की गई।

दुआ में तमामी नमाज़ी हज़रात ने शिरकत की फातेहा, सलातो सलाम और दुआ के बाद को-कन्वेनर इक़रार अशरफ़ी द्वारा तबर्रूक तक़सीम किया गया, महफ़िल में रेहान बाबा हाशमी, अकरम भाई नक्शबंदी, एजाज़ भाई क़ादरी, ख़लीलुद्दीन भाई, इमरान अशरफ़ी राजा, इंजीनियर मुहम्मद दानिश रज़वी और मस्जिद कमेटी के तमाम मेम्बरान की मौजूदगी के साथ एम एस ओ देवास यूनिट के मेम्बरान मौजूद थे।