बहराइच: मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (MSO) ने मदरसा बरकातीया ए रज़ा क़ैसरगंज में गणतंत्र दिवस दिवस मनाया। इस मौके पर एमएसओ यूनिट की और से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में मौलाना रिजवान अहमद मिस्बाही, मौलाना शमशाम अली और ग्राम प्रधान हुकुम सिंह वर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।

एमएसओ के सेक्रेटरी और प्राध्यापक सिराज अली ने बताया कि इस मौके पर झंडा रोहण किया गया। झंडा रोहण के पश्चात राष्ट्रगान जन गण मन गण और सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा का गान हुआ। कोरोना महामारी को देखते हुए समारोह का आयोजन शारीरिक दूरी का ख्‍याल रखते हुए क‍िया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए मौलाना रिजवान अहमद मिस्बाही ने छात्रों और उपस्थित सम्माननीय को संबोधित करते हुए कहा कि देश के संविधान ने सभी लोगों को समान अधिकार दिये है। धर्म, जाति, संप्रदाय, लिंग और जन्मस्थान के आधार पर कोई किसी से बड़ा या छोटा नहीं है। हम लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए।

वहीं ग्राम प्रधान हुकुम सिंह वर्मा ने कहा कि हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब एकता और भाईचारे की तहजीब है। ऐसे में हमारे राष्ट्रीय पर्व इस तहजीब को और मजबूती प्रदान करते है। गणतंत्र दिवस हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोगों का त्‍योहार है, इसे पूरे जोश के साथ मनाना चाह‍िए।

मौलाना शमशाम अली ने बताया कि देश की आजादी में मदरसों का भी बड़ा योगदान रहा है। 1857 की क्रांति हो या भारत छोड़ो आंदोलन अंग्रेजों को देश से निकालने के लिए मदरसों ने भी अहम किरदार निभाया है। जिसका एहतराम किया जाना चाहिए। आज भी देश की तरक्की में मदरसे साथ दे रहे है।