जयपुर: राज्य भर में मदरसों  की खस्ताहालत किसी से छुपी नहीं है. वसुंधरा सरकार के पुरे पांच वर्षों का शासनकाल पूरा होने वाला है. लेकिन मदरसों की इन खस्ताहालत को सुधारने के लिए कुछ ख़ास नहीं किया गया. हालांकि अब ठीक चुनाव से पहले मदरसों के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जा रही है.

राजस्थान मदरसा बोर्ड की और से घोषणा की गई कि बोर्ड की और से अब ऐसे पंजीकृत मदरसों को उनकी खुद की छत बनाने में मदद करेगा जिनके पास अपनी छत नहीं है. इसके लिए 10 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी.

मंगलवार को हुई बोर्ड की बैठक में राजस्थान मदरसा बोर्ड की चेयरमैन महरुन्निसा टाक ने योजना के ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार पर जोर दिया. योजना को अमल में लाने के लिए मदरसा बोर्ड ने मदरसा कमेटियों और मदरसा संयोजक कमेटियों को साथ लिया है.

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मदरसा बोर्ड की ओर मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना के तहत मदरसों को 10 लाख रुपए तक की मदद की जाएगी. ये मदद केवल उन पंजीकृत मदरसों की मिलेगी जिनकी अपनी खुद की हो जमीन. वे वक्फ बोर्ड की जमीन पर संचालित हों या फिर मदरसों को डोनेट की गई जमीन पर संचालित हो रहे हों.

राजस्थान मदरसा बोर्ड की चेयरमैन महरुन्निसा ने बैठक में सभी मदरसा बोर्ड मैम्बर्स और संयोजकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना का पर्याप्त प्रचार प्रसार करें ताकि ज्यादा से ज्यादा पंजीकृत मदरसों को योजना का लाभ मिल सके. बैठक में मदरसों से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी विचान मंथन किया गया.