लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अपने लखनऊ दौरे पर कार्यकर्ताओं को दिए गए संबोधन में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार के बारे में कई बातें कहीं। जिसमें विकास व लॉ एंड आर्डर सहित कई बातें शामिल थीं। इन्हीं बातों पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश काँग्रेस कमेटी के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने कहा:

हमारे द्वारा 28 दिसंबर 2020 को किसानों के अधिकारों के लिए की गयी “काँग्रेस सन्देश यात्रा” को पुलिस द्वारा रोकने के कई प्रयास किये गए थे। जब किसान भाई नहीं माने तो मुझ पर और मेरे साथियों पर कोरोना प्रोटोकाल के तहत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी गयी थी। कहा जा रहा था कि कोरोना से सुरक्षा के चलते हम पर एफआईआर की गयी। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछूँगा कि जेपी नड्डा के लखनऊ आगमन पर हुए कार्यक्रमों में जो भीड़ आई क्या उन्हें कोरोना प्रोटोकाल के तहत बुलाया गया था? क्या इस कारण नड्डा जी पर एफआईआर नहीं होनी चाहिए?

विकास-विकास कहकर पूरे प्रदेश को गुमराह कर रहे नड्डा जी ज़रा प्रदेश के कस्बाई या ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर सड़कों का हाल देखें। “आदर्श ग्राम योजना” के तहत सांसदों द्वारा गोद लिए गए गाँवों की भी हालत बेहद खराब है। सड़कें तो मानो हैं ही नहीं। ऐसे में आपके मुँह से विकास की बात सुनता हूँ तो बुरा लगता है। अब बताइये प्रदेश की टूटी फूटी सड़कों पर विकास कैसे दौड़ेगा नड्डा जी?

संबोधित करते हुए नड्डा जी ने योगी सरकार के लॉ एंड आर्डर की भी तारीफें कीं। मगर उन्होंने इस व्यवस्था की समीक्षा शायद हवाई बातों से ही कर ली थी। हाथरस और बदायूं में पुलिस ने पीड़ित लोगों के साथ जो व्यवहार किया वह कोई नहीं भूल सकता। पता नहीं ये भाजपाई लोग इन मामलों को कैसे भूल जाते हैं। नड्डा जी ने यूपी के लॉ एंड आर्डर की तारीफ की मगर ‘हाथरस और बदायूँ” भूल गए।