Saturday, November 27, 2021

बिहार में बना देश का पहला ‘सूफी रिसर्च सेंटर’, छात्र करेंगे सूफिज्‍म पर शोध

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बिहार के पटना स्थित मीतन घाट स्थित खानकाह मुनएमिया में देश का पहला सूफी रिसर्च सेंटर तैयार हो चुका है. इस सेंटर से अब सूफिज्म पर स्नातकोत्तर व पीएचडी की जा सकती है.

खानकाह के दक्षिणी भाग में तैयार सूफी रिसर्च सेंटर का भवन सफेद मार्बल व हरे ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है. मेहराब और बनाई गईं कलाकृतियां देश के विभिन्न हिस्सों तथा दूसरे देशों से आए जायरीनों को आकर्षित कर रही हैं. सेंटर में देश-विदेश से आने वाले विद्यार्थी सूफिज्म पर शोध करेंगे.

स्थायी क्षेत्र अभियंत्रण विभाग के इंजीनियर महेश कुमार ने कहा कि योजना के अनुसार निर्माण कार्य 18 महीने यानी जून 2015 तक पूरा हो जाना था, लेकिन पुराने भवन को तोडऩे व अन्य प्रक्रिया को पूरी करने इतना समय लग गया. अब भवन तैयार हो चुका है.

महेश कुमार ने बताया कि राज्यसभा सांसद डॉ. महेंद्र प्रसाद की निधि से 1.30 करोड़ रुपये मिले जिससे सूफी रिसर्च सेंटर का भवन तैयार हुआ है. सांसद कोष की 1.60 करोड़ राशि से ही डोरमेटरी का निर्माण हुआ है. इसके अलावा पश्चिम में 2.25 करोड़ रुपये से महिला विश्राम गृह बन चुका है. पांच करोड़ रुपये से उत्तर में पुरुष विश्राम गृह का निर्माण होना है.

खानकाह मुनएमिया मीतनघाट के सज्जादानशीं सैयद शाह प्रो. शमीमुद्दीन अहमद मुनएमी ने बताया कि यह सूफी रिसर्च सेंटर देश में पहला और अनूठा होगा. मुहब्बत व इंसानियत की शिक्षा देना तथा इसका प्रचार-प्रसार करना ही सूफियों के जीवन का उद्देश्य रहा है. इसी संदेश व उपदेश को जन जन तक पहुंचाने में सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

सज्जादानशीं ने बताया कि संस्थान में सूफियों एवं संदेशों पर शोध कर तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा ताकि गलतफहमियां दूर कर सही बातें लोगों तक पहुंचाई जा सके. राष्ट्रीय स्तर के शोध संस्थान में अलग-अलग विषयों के विभाग होंगे. पढ़ाने के लिए विशेषज्ञ प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे.

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