अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा फर्जी बाबाओं की लिस्ट में खुद का नाम शामिल किये जाने से स्वामी चक्रपाणि महाराज भड़क उठे है. उन्होंने अखाड़ा परिषद को 11 करोड़ रूपये की मानहानि का नोटिस भेजा है.

बता दें कि इलाहाबाद में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन में बैठक के बाद अखाड़ा परिषद की और से जारी की गई फर्जी बाबाओं की सूची में चक्रपाणि महाराज व आचार्य प्रमोद कृष्णम का नाम भी शामिल किया गया. इससे पहले दो चरणों में 17 फर्जा बाबाओं की सूची जारी की जा चुकी है.

चक्रपाणि महाराज ने नोटिस में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री स्वामी हरि गिरि और पंचायती अखाड़े के महंत राजेंद्र दास को आरोपी बनाया है.

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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि

इस बारे में स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा, ‘दरअसल जब दूसरी सूची जारी हुई थी तभी मैंने कहा था कि अखाड़ा परिषद और नरेन्द्र गिरी खुद फर्जी हैं. उनका और उनके अखाड़े का कोई रजिस्ट्रेशन तो है ही नहीं. फिर काहे का अखाड़ा? अब व्यक्ति जब पागल ही हो जाए तो उसे क्या कहना. वह तो किसी पर भौंक सकता है’.

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि जब दूसरी सूची जारी हुई थी, जिसमे आशाराम बापू समेत कई लोगों के नाम शामिल थे, तब भी मैंने उन्हें चेतावनी दी थी. मैंने कहा था कि मैं संत समाज का अध्यक्ष हूं, अगर फिर ऐसा हुआ तो संत समाज से बाहर कर दूंगा. अब मैं अखाड़ा परिषद और उसके महंत नरेंद्र गिरि को ही बाहर कर दूंगा.


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